Home » » Diwali Shubh Muhurat 2017 Puja Vidhi Timing laxmi Pooja Best time on 19th October 2017

Diwali Shubh Muhurat 2017 Puja Vidhi Timing laxmi Pooja Best time on 19th October 2017

Diwali 2017 Shubh Muhurat best Time Tithi,2017 Laxmi pooja Date, Time, Muhurat & Auspicious,Subh Time Tithi for laxmi murti sthapan, mahurat timings for deepawali 19th October 2017, download Deepavali puja muhurtham timing pdf

Diwali Shubh Muhurat, Pujan Vidhi, Mantra and Mythology

Diwali is one of the happiest of holidays in India, with significant preparations. People clean their homes and decorate them for the festivities. Deepawali is one of the biggest shopping seasons in India; people buy new clothes for themselves and their families, gifts, appliances, kitchen utensils, small to big ticket items such as cars and gold jewelry.

The festival of lights, Diwali will be celebrated on Thursday all over the country. This is a Hindu festival and devotees worship Goddess Lakshmi and Kali on this day. The Lakshmi Mantra is recited to know your goal and as a means to fructify that goal. Lakshmi Mantra is synonymously also called Money Mantra.
But Lakshmi Mantra is a prayer not only to gain financial prosperity but also to give us the intelligence to enlighten our minds with understanding. Lakshmi is the personification of all that brings good fortune, prosperity, and beauty.

Goddess Lakshmi Mantra
1. Lakshmi Beej Mantra
Om Hreem Shreem Lakshmibhayo Namah॥

2. Mahalakshmi Mantra
Om Shreem Hreem Shreem Kamale Kamalalaye Praseed Praseed Om Shreem Hreem Shreem Mahalakshmaye Namah॥

3. Lakshmi Gayatri Mantra
Om Shree Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnu Patnyai Cha Dheemahi Tanno Lakshmi Prachodayat Om॥

Things to remember while chanting Goddess Lakshmi Mantra on Diwali
# Rosary to be used for Chanting Lakshmi Mantra

# Kamalgata mala, Sphatik mala
#Flowers to be used for Lakshmi MantraRose And Lotus Flower

Here is the Diwali Shubh Muhurat timings
Diwali Lakshmi Puja Muhurat = 19:11 to 20:16

Duration = 1 Hour 5 Mins
Pradosh Kaal = 17:43 to 20:16
Vrishabha Kaal = 19:11 to 21:06
Amavasya Tithi Begins = 00:13 on 19/Oct/2017
Amavasya Tithi Ends = 00:41 on 20/Oct/2017



Happy Diwali to all  Friends


People also buy gifts for family members and friends which typically includes sweets, dry fruits and seasonal specialities depending on regional harvest and customs. It is also the period when little kids hear ancient stories, legends, myths and battle between good and evil, light and darkness from their parents and elders. Girls and women go shopping, and create rangoli and other creative patterns on floors, near doors and walkways. Youth and grown ups graduate to helping with lighting and preparing for patakhe (fireworks)

All of us very well known about When is Diwali 2017

Like major festivals of the world, rituals and preparations for the Indian festival Diwali begin days or weeks in advance. The festival formally begins two days before the night of Diwali, and ends two days after. Each day has the following rituals and significance

Diwali Festival 2017 Shubh Muhurat Puja Timings 

Diwali will be on October 19, Thursday. This day is in chitra Nakshatra. vishkumbh Yoga and moon will move in vergo Sign, on this day. Amavasya date, Pradosh kal, auspicious Lagna and Chaughadia Muhurat have special significance in Diwali.

देशभर में 19 अक्टूबर को दीवाली का त्योहार मनाया जाएगा. दिवाली का त्योहार देश के एक बड़े त्योहारों में से एक है. इस त्योहार में लोग घरों से लेकर कारखानों की साफ सफाई करते हैं. उसके बाद शुभ मुहर्त देख के माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. कहा जाता है कि इस पूजा को करने से पूरे वर्ष घर में धन्य-धान्य की कमी नहीं होती. यह त्योहार धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज पर खत्म होता है.
27 साल बाद बना ये संयोग 
इस बार दिवाली पर गुरु चित्रा का 27 साल बाद संयोग बन रहा है. इससे पहले ऐसा योग 1990 बना था. इस संयोग में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा पूरे विधि-विधान से करने पर अत्यंत लाभ की प्राप्ति होगी. अब इसी तरह का मेलखा नक्षत्र ठीक साल 2021 में वापस पड़ेगा.
पूजा की विधि
किसी भी मंगल कार्य या पूजन को शुरू करने से पहले श्री गणेश का पूजन किया जाता हैं. भगवान गणेश को स्नान कराएं. वस्त्र अर्पित करें. गंध, पुष, अक्षत अर्पित करें. अब देवी लक्ष्मी का पूजन शुरू करें. माता लक्ष्मी की चांदी, पारद या स्फटिक की प्रतिमा का पूजन से भी उत्तम फल की प्राप्ति होती है. जिस मूर्ति में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. उसे अपने पूजा घर में स्थान दें. मूर्ति में माता लक्ष्मी आवाहन करें. आवाहन यानी कि बुलाना. माता लक्ष्मी को अपने घर बुलाएं. माता लक्ष्मी को अपने अपने घर में सम्मान सहित स्थान दें. अब माता लक्ष्मी की मूर्ति को स्नान कराएं. स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और दोबारा जल से स्नान कराएं.
अब माता लक्ष्मी को वस्त्र अर्पित करें. वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं. अब पुष्पमाला पहनाएं. सुगंधित इत्र अर्पित करें. अब कुमकुम तिलक करें. अब धूप व दीप अर्पित करें. माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल विशेष प्रिय है. बिल्वपत्र और बिल्व फल अर्पित करने से भी महालक्ष्मी की प्रसन्नता होती है. 11 या 21 चावल अर्पित करें. श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं. देवी लक्ष्मी की पूजा के ल‌िए दीपक की बाती का रंग लाल होना चाहिए दीपक को दायीं ओर रखें। दीपक बायीं ओर नहीं रखना चाह‌िए. आरती करें. आरती के पश्चात् परिक्रमा करें. अब नेवैद्य अर्पित करें. महालक्ष्मी पूजन के दौरन ’’ऊँ महालक्ष्मयै नमः’’इस मंत्र का जप  करते रहें.

बता दें कि दीवाली के दिन अमावस्या तिथि आरंभ 00:13 (19 अक्टूबर) पर होगी और अमावस्या तिथि समाप्त 00:41 (20 अक्टूबर) पर होगी.
 
इस दीवाली पूजा करने के लिए 3 शुभ मुहूर्त है. इन तीनों मुहूर्त में पूजा करने का अपना ही विशेष महत्व होता है. इन विशेष मुहूर्त में मां लक्ष्मी के साथ विष्णु, गणेश और कुबेर की पूजा भी की जा सकती है.

ये हैं शुभ मुहूर्त....

1.
प्रदोष काल मुहूर्त
मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05.43 से 08.16 तक
वृषभ काल: शाम 7.11 से 9.06 तक

Pradosh Kaal Muhurat


Lakshmi Puja Muhurta = 17:58 to 19:56
Vrishabha Kaal = 19:11 to 21:06

Mahanishita Kaal Muhurat

महानिशिता काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा का अवधि- 51 मिनट
महानिशिता काल- 11.40 से 12.31

Choghadiya Puja Muhurat


Auspicious Choghadiya Muhurat for Diwali Lakshmi Puja2.
चौघड़िया पूजा मुहूर्त
सुबह: 6.28 से 7.53
शाम: 4.19 से 8.55
Note - 24-hour clock with local time of Ujjain & DST adjusted for all Muhurat timings (if applicable)

ये हैं शुभ मुहूर्त- प्रदोष काल मुहूर्त, मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त : शाम 05:43 से 08:16 तक। वृषभ काल : शाम 07:11 से 09:06 तक। चौघड़िया पूजा मुहूर्त, सुबह: 06:28 से 07:53, शाम : 04:19 से 08:55। महानिशिता काल मुहूर्त 

लक्ष्मी पूजा की अवधि: 51 मिनट, ,महानिशिता काल : 11:40 से 12:31, अमावस्या तिथि आरंभ- 00:13 (19 अक्तूबर), अमावस्या तिथि समाप्त- 00:41 (20 अक्तूबर)
Note: There is also a popular belief that the entire Diwali day is auspicious and there is no right or wrong time for performing the puja.

Diwali 2017: इन तीन शुभ मुहूर्तों में करें मां लक्ष्मी का पूजन, पैसा ही पैसा बरसेगा
अब की बार 19 अक्तूबर के दिन वीरवार को दिवाली है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की मान्यता है। धर्म शास्त्रों में दिवाली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का भी खासा महत्व होता है। उन्होंने बताया कि दिन-रात के संयोग को ही प्रदोष काल कहते है।
इस बार की दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल मुहूर्त, महानिशिता काल मुहूर्त और चौघड़िया पूजा मुहूर्त हैं। जो दिवाली की खुशियों को तीन गुणा बढ़ा देंगे। इन तीनों मुहूर्तों में पूजा करने का अपना ही विशेष महत्व होता है। तीनों मुहुर्तों में मां लक्ष्मी के साथ विष्णु, गणेश और कुबेर की पूजा करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि तीन गुणा मिलेगी। प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन का मंत्र जप अनुष्ष्ठान और दीपक पूजन करना चाहिए।
  महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि 18 अक्तूबर दिन बुधवार को रात 12 बजकर 13 मिनट पर अमावस्या प्रारंभ होकर 19 अक्तूबर दिन वीरवार को रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। चंडीगढ़ में सूर्यास्त पांच बजकर 43 मिनट पर होगा। शाम पांच बजकर 43 मिनट से 8 बजकर 27 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। रात सात बजकर नौ मिनट से रात नौ बजेकर तीन मिनट तक वृष लग्न के साथ चर की चौघड़िया रहेगी। यह पूजन का सबसे उत्तम समय है।

 

आरती श्री लक्ष्मी जी
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

This all above Happy Diwali Shubh Muhurt 2017 for Murti Sthapana Timing are as per Indian Standard Time.  so if you are other countries then compare your time zone with IST Time.



Incoming Searches:

diwali laxmi puja 2017 date
laxmi puja 2017 diwali
diwali puja 2017 date
bengali laxmi puja 2017
shubh muhurat for pooja today
kojagari lakshmi puja 2017
kojagori laxmi puja 2017
laxmi puja vidhi
diwali laxmi puja 2017 date
how to perform lakshmi pooja on fridays
lakshmi puja mantra
laxmi puja 2017 diwali
bengali lakshmi puja 2017
lakhi puja
diwali 2017 date in india
kali puja 2017
diwali 2016
dussehra 2017
diwali 2018
dhanteras 2017
chhath puja 2017
diwali 2016 calendar
durga puja 2017 in west bengal
laxmi puja 2017 west bengal
lakhi puja 2017
lakshmi puja 2017 date
bengali lakshmi puja 2017
bengali laxmi puja 2017 date
laxmi puja 2017 kolkata
date of kali puja 2017
today shubh muhurat for vehicle purchase
shubh muhurat 2017
abhijit muhurat
choghadiya ahmedabad today
choghadiya mumbai today
choghadiya today gujarati
gujarati choghadiya 2017
gujarati choghadiya chart
laxmi puja 2017 date
laxmi puja 2017 in west bengal
bengali laxmi puja
lakshmi puja 2017 bengali
kojagari lakshmi puja 2017 date
lakshmi puja mantra in hindi
laxmi pooja 2017
daily lakshmi puja vidhi
lakshmi pooja vidhanam
diwali puja mantra
lakshmi puja aarti

Updated Date: October 19, 2017 

0 comments:

Post a Comment